AIIMS Nurses' Union protests revocation of doctors' suspension

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While issuing the orders, AIIMS had referred to the preliminary report by the committee which stated that based on available medical records that there was no substantial evidence of any intentional gross medical negligence by the treating team of doctors of Obstetrics, Gynaecology and anaesthesiology


AIIMS Nurses' Union today held a protest over the hospital administration revoking suspension of five resident doctors in connection with their colleague's death due to alleged negligence at the premier institution.

The union also refused to accept the preliminary report by the committee headed by medical superintendent D K Sharma which ruled out any "intentional gross medical negligence" on part of the five doctors concerned claiming they have "evidence" against them which they will share publicly at the right time.

"We do not accept the preliminary report by the committee headed by medical superintendent D K Sharma. We will wait for the new broad-based Committee, which was constituted yesterday, under the chairmanship of Dr S C Sharma, HoD ENT at AIIMS to submit its report.

"We also had carried out an inquiry after the incident and we have some evidences which we will bring out in the public domain once the right time comes. This is a clear cut case of negligence which led to death of nurse Rajbir Kaur and we want justice for her," Harish Kumar Kajla, President of the Nurses Union said.

AIIMS administration had yesterday revoked the suspension of the five resident doctors after the Resident Doctors Association (RDA) went on partial strike and also threatened to shut all services including the emergency and critical care services if the order was not rolled back within 24 hours.

After the revocation orders were issued, RDA had called off their partial strike.

While issuing the orders, AIIMS had referred to the preliminary report by the committee which stated that based on available medical records that there was no substantial evidence of any intentional gross medical negligence by the treating team of doctors of Obstetrics, Gynaecology and anaesthesiology.

Rajbir Kaur, a nurse with AIIMS, had died during delivery through caesarean section. Kaur suffered a cardiac arrest during the surgery. During treatment, she lost her baby and was put on life support and died on Saturday night.

एम्स की नर्स के इलाज में लापरवाही का मामला बढ़ता जा रहा है। अब तक तीन कमिटी बन चुकी हैं, लेकिन किसी की रिपोर्ट नहीं आई है। रोजाना यहां धरना-प्रदर्शनों का दौर जारी है। रविवार से लेकर बुधवार तक, रोजाना कभी नर्सिंग यूनियन तो कभी रेजिडेंट्स डॉक्टर यूनियन प्रदर्शन कर रहे हैं। कभी आरोपी डॉक्टर के सस्पेंशन के लिए तो कभी सस्पेंशन वापस लिए जाने को लेकर। सस्पेंशन वापस लिए जाने के बाद बुधवार को फिर से नर्सिंग यूनियन ने जोरदार प्रदर्शन किया, पूरे हॉस्पिटल कैंपस में नारेबाजी की। अब नर्सिंग यूनियन इस मामले में फैकल्टी (घटना के दिन ऑन कॉल सीनियर डॉक्टर) के खिलाफ एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं। नर्सिंग यूनियन पहली रिपोर्ट नहीं दिए जाने के मामले में मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. डीके. शर्मा को हटाने की मांग कर रही है।

शनिवार की रात एम्स की नर्सिंग स्टाफ राजबीर कौर की मौत के मामले में परिजनों और नर्सिंग यूनियन ने डॉक्टरों द्वारा लापरवाही का आरोप लगाया गया है। यूनियन के प्रेजिडेंट हरीश कुमार काजला ने कहा कि 16 जनवरी को सुबह 11 बजे कौर को ऐडमिट किया गया और उसी दिन रात को उसे दिक्कत हुई, लेकिन सुबह पांच बजे उसकी सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद डॉक्टर ने बताया कि बच्चा मर गया है। हम प्रशासन से यह जानना चाहते हैं कि क्या कोई कंसल्टेंट ऑन डयूटी थी? अगर थीं तो उनके खिलाफ ऐक्शन क्यूं नहीं लिया गया। ड्यूटी डॉक्टर ने कंसल्टेंट से बात की थी या नहीं, बात करने के बाद कंसल्टेंट आईं थीं या नहीं? अगर ऐसा नहीं हुआ है तो उस कंसल्टेंट को एम्स क्यूं बचा रहा है, क्योंकि जितने भी रेजिडेंट्स डॉक्टर हैं वो कंसल्टेंट के अंडर काम काम करते हैं।

नर्सिंग यूनियन के विपिन कृष्णन ने कहा कि जब 17 जनवरी की सुबह राजबीर कौर के बच्चे की डेथ हुई थी तो उस मामले में हमने एम्स प्रशासन से शिकायत की थी। एम्स ने 24 जनवरी को एक कमिटी बनाई थी। उस कमिटी को लीड मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉक्टर डीके शर्मा को बनाया गया था। उस कमिटी की रिपोर्ट आज तक नहीं आई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हमने अपनी इंटरनल कमिटी बनाई थी जिसका कहना था कि राजबीर के फीटल डिस्ट्रेस को सही से मॉनिटर नहीं किया गया, एलएससीएस प्रोसीजर बिना जनरल एनेस्थीसिया के ही शुरू कर दिया गया, इंटिब्यूशन के पहले इनसीजन दिया गया और आर्टिफिशल ब्रीदिंग ट्यूब को रेसप्रेट्री ट्रैक की बजाय फूड पाइप में लगा दिया गया। ऐसे में पूरी तरह से इलाज गलत हुआ है। इसी वजह से पहले बच्चा मरा और बाद में राजबीर को कार्डिएक अरेस्ट आया। लेकिन, अब तक सिर्फ कमिटियां बन रही हैं, रिपोर्ट कोई नहीं आ रही है। इस बारे में एम्स के एक्टिंग डायरेक्टर डॉक्टर बलराम आयरन ने कहा कि कंसल्टेंट की क्या लापरवाही है यह रिपोर्ट आने के बाद ही तय हो पाएगा। उसके बाद ही हम लोग कोई ऐक्शन ले पाएंगे।

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